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ग़म-ए-फुरकत

लौट आओ " चाँदनी.. " अभी रात बाकी है... ता-उम्र जो कटना है वो साथ बाकी है - यूं छोड़कर तनहा क्यूं मुझसे दूर रह रही हो जिंदगी के हसीन दिन और रात बाकी है - मोहब्बत को तुमने सिर्फ अल्फाजों ...