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इश्क मे पड़ने की ज़रूरत क्या है

दिल से तेरे मैं खुद ही निकल जाता हूँ तुझे बताने की ज़रुरत क्या है मेरे इश्क से कर ली बेरुखी तूने ये जताने की ज़रुरत क्या है.... ~~ हिम्मत नहीं है की अब मैं फिर साज़िश-ए-इश्क में पड़ जाऊ...

मेरा ख्वाब हो तुम

तुम हो ज़िंदगी ... मेरा ख्वाब हो तुम जीने की वजह-ओ-अस्बाब हो तुम तिशनगी है मुझे तेरे प्यार की सनम मेरी प्यास को बुझा दे.. ऐसी आब हो तुम ख्वाहिशें तो तेरी भी कुछ कम नहीं लगतीं मिलने...

वक्त आएगा

जो वक्त है आज तेरा कल मेरा भी आएगा जो हाल है आज तेरा कल मेरा भी हो जाएगा.. ये वक्त बुरा तेरा ... एक पल मे गुज़र जाएगा । एक पल मे हंसी खुशी का ये लम्हा.. यूं ही सिमट जाएगा.. जो हुआ तेरे साथ ,...