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Showing posts from March, 2016

याद

वो नज़रों के तीर और कातिल अदाएं बेवफाई भी वो करते हैं करके वफाएं जुनून इश्क का यूं तो खतम न हो सका देता था वो अक्सर छोड़ जाने की सज़ाएं महसूस किया उसको वो जब भी पास थी महक उसकी ...

दीवाना इश्क

राह-ए-इश्क मे कोई मस्ताना हो गया चले जिस राह सफ़र वो सुहाना हो गया तेरा हुस्न किसी शराब से कम नहीं.. देख तुझको बहका सारा ज़माना हो गया महफ़िल को अपनी अदाओं से है लूटा .. तेरे जलवो...

बेफिक्र मोहब्बत

जब कोई फिक्र नहीं मेरी तो प्यार क्यों किया आँखों से आँखों को तुमने चार क्यों किया रह लेते हम भी तनहा तेरे बगैर बेवफा बेवजह तूने दिल मेरा बेकरार क्यों किया इंसानियत नहीं ते...