मेरा ख्वाब हो तुम

तुम हो ज़िंदगी ... मेरा ख्वाब हो तुम
जीने की वजह-ओ-अस्बाब हो तुम

तिशनगी है मुझे तेरे प्यार की सनम
मेरी प्यास को बुझा दे.. ऐसी आब हो तुम

ख्वाहिशें तो तेरी भी कुछ कम नहीं लगतीं
मिलने को बे-चैन और बेताब हो तुम

सिर्फ सपनों मे ही आकर जो कर दे दीवाना
ऐसी हमनशीं .. हुस्न-ए-शबाब हो तुम

देखकर ही जिसको .. नशे मे सारा जहां हो जाए
पैमाने में उतरी.. ऐसी शराब हो तुम।

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