दीवाना इश्क
राह-ए-इश्क मे कोई मस्ताना हो गया
चले जिस राह सफ़र वो सुहाना हो गया
तेरा हुस्न किसी शराब से कम नहीं..
देख तुझको बहका सारा ज़माना हो गया
महफ़िल को अपनी अदाओं से है लूटा ..
तेरे जलवों का आशिक .. दीवाना हो गया ..
एक शमा जलती रही उम्रभर ख़यालों की तेरे..
जलता हुआ कोई उसमें ... परवाना हो गया..
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--Anuj Rathore
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