याद
वो नज़रों के तीर और कातिल अदाएं
बेवफाई भी वो करते हैं करके वफाएं
जुनून इश्क का यूं तो खतम न हो सका
देता था वो अक्सर छोड़ जाने की सज़ाएं
महसूस किया उसको वो जब भी पास थी
महक उसकी लेकर जब चलती थीं हवाएं
आकर के बाँहों में जब वो मदहोश बैठे थे
झूम उठा अम्बर भी और बरसी थीं घटाएं
करता है उसे महसूस हर एक ज़र्रे में अनुज
याद आती हैं जब उसकी मासूम सी ख़ताएं
~
- ~ अनुज राठौर ~
-----------------------------------------------------------------
www.facebook.com/anujkumar472
www.twitter.com/anujkumar472
Whatsapp - 8546065853
Comments